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BETI PADHAO BETI BACHAO GIRL CHILD EDUCATION

बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ (नारी शिक्षा )

शिक्षा ही मानव जीवन को बेहतर और मानव को अन्य जीवो से अलग बनाती है । शिक्षा ही उन्नति का आधार है । जैसे-जैसे इंसान शिक्षित होता गया, उसका जीवन और भी बेहतर होता गया। समाज स्त्री और पुरुष के बराबर सहयोग से ही संतुलित तरीके से चलता है, इसलिए शिक्षा जितना पुरुष के लिए जरुरी है उतना ही जरुरी स्त्री के लिए भी है । कहते है कि एक पुरुष अगर शिक्षित होता  है तो सिर्फ वही शिक्षित होगा किन्तु एक स्त्री शिक्षित होती है तो पूरा परिवार व् समाज शिक्षित होता है । सनद रहे कि बच्चे का पालन-पोषण एक स्त्री ही करती है, और अगर स्त्री शिक्षित होगी तो बच्चे की परवरिश और बेहतर तरीके से कर सकेगी जिससे की देश और समाज को एक बेहतर नागरिक मिलेगा।

प्राचीनकाल से ही हमारा समाज में स्त्रियों के शिक्षा के प्रति उदासीन रहा है । यह उदासीनता ही हमारे पूर्ण तरक्की में बाधक रही है । प्राचीनकाल से शिक्षा की ऐसी व्यस्था थी जिसमे स्त्रियों को शिक्षा प्रदान नही की जाती थी । जहाँ लड़को को शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल में भेजने की  परम्परा थी, वही लड़कियों को घरेलू कामो में लगा दिया जाता था । आज भी उस व्यस्था में बहुत ज्यादा परिवर्तन नही हुआ है । आज भी माँ-बाप बेटो को उच्च से उच्च शिक्षा देने के लिए तत्पर रहते है किन्तु बेटियों के शिक्षा के प्रति कोई उत्साह नही दिखाते है । दरअसल माँ-बाप ये सोचते है कि बेटे तो पढ़ लिख कर उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगे पर बेटियां तो परायी होती है, उन्हें दूसरे के घर जाना होता है, उन्हें शिक्षा देने से भला क्या लाभ। यहाँ दो बातो का ध्यान अगर माँ-बाप रखे तो शायद इस समस्या को समाज से दूर किया जा सकता है । पहला ये कि बेटी अगर शिक्षित होगी तो उसे ससुराल में अधिक मान-सम्मान मिलेगा और वह एक बेहतर जिंदगी जी सकेगीदूसरी बात यह कि उनके घर में जो बहू आएगी वो भी तो किसी की बेटी होगी; अगर आप एक शिक्षित बहू चाहते है तो अपने भी बेटियों को शिक्षा देना होगा। 

मेरा व्यक्तिगत मनना है कि अगर आप स्त्रियों की स्थिति में सुधार लाना चाहते है तो बस उन्हें शिक्षा दे दीजिये बाकि का काम वो खुद कर लेंगी । समाज में व्याप्त कई बुराईयों की वजह ही स्त्रियों की शिक्षा में कमी है । मसलन शिक्षित स्त्री कभी भी भ्रूण हत्या के लिए समर्थन नही देगी ।

विकसित देशों के विकास में  स्त्रियों का बहुत योगदान है । हम भी अगर तेजी से तरक्की कर रहे है तो उसमे भी महिलाओ का बहुत योगदान है। भारत के शहर में बेटियों की शिक्षा पे बहुत ध्यान दिया जा रहा है, जिसका परिणाम में भी देखा जा सकता है । सीबीएसई बोर्ड में हर साल टॉपर की सूची में लडकियाँ ही आगे रहती है । हर ऑफिस में स्त्रियाँ पुरुषो के साथ कंधे से कन्धा मिला कर काम कर रही है और देश की तरक्की में भागीदारी निभा रही है ।

लड़कियों को जब भी अवसर प्राप्त हुआ है , उसने पुरुषो से बेहतर तरीके से उस अवसर को भुनाया है। शिक्षा का जितना अधिकार जो पुरुष को है उतना ही अधिकार एक स्त्री को भी है । अगर आप अपने बेटी से प्यार करते है और उसे एक बेहतर भविष्य देना चाहते है तो, दहेज़ चाहे उन्हें दे या न दे किन्तु  उन्हें शिक्षा अवश्य दीजिये ।        

मुस्कान , एक सामाजिक संस्था, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के जरिये स्त्री के शिक्षा में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है  । मुस्कान के चैयरमैन "श्री अजय पांडेय जी" से बात करने पे वे कहते है कि बेटियां तो हमारे जीवन की बगिया की वो फूल है जिसे शिक्षा से सिंचित करके घर, समाज और पूरे राष्ट्र को महकाया जा सकता है । इसलिए वे बेटियों को पढ़ाने पे पूरा जोर देते है ।  उनके इस प्रयास के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनांए

दीपक कुमार     

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